विभिन्न देशों के अनुभव से पता चलता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास एक ही रास्ते पर नहीं चलता है, जो प्रत्येक देश की खूबियों और क्षमताओं के अनुसार बनता है। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि ईरान को सबसे पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मूल्य श्रृंखला में अपनी स्थिति सुधारनी चाहिए।