बीबीसी उत्तरी अमेरिका संवाददाता शाइमा खलील लिखती हैं कि ईरानी टीम शायद लोगों को एकजुट करना चाहती है लेकिन न्यूजीलैंड के साथ हुए खेल से पता चला कि कई ईरानी कितने विभाजित हैं।