न्यायाधीश ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई, पैरोल पर विचार करने से पहले 21 साल की न्यूनतम समयसीमा लगाई - इस फैसले को अब काफी दूर तक न जाने के कारण चुनौती दी जा रही है