संघ गणतंत्र की विधानसभा के सामने सीजीटीपी रैली में शामिल हुआ। श्रम सुधार के कारण पहले ही दो हड़तालें हो चुकी हैं और इस पर कोई सामाजिक सहमति नहीं है।