शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि ये परिणाम इस विचार को पुष्ट करते हैं कि मस्तिष्क स्वास्थ्य न केवल संज्ञानात्मक कार्यों को प्रभावित करता है, बल्कि मानव जीवन प्रत्याशा निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण तत्व का भी प्रतिनिधित्व करता है।