अपील की अदालत ने माना कि अभियुक्त के खिलाफ कथित तथ्यों से संबंधित कार्यवाही से "पर्याप्त सटीक तत्व" सामने नहीं आए, जिन्हें पहली बार में दस महीने के निलंबित कारावास की सजा सुनाई गई थी।