अध्ययन में 10 राज्यों के 2,224 बुजुर्ग व्यक्तियों को शामिल किया गया और पाया गया कि देश की ग्रामीण वृद्ध आबादी जलवायु परिवर्तन के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील है और कैसे वंचित वरिष्ठ नागरिकों को और भी अधिक जोखिम और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।