सूत्रों के मुताबिक, खदानों से रास्ता साफ होने के बाद ही बीमाकर्ता, शिपिंग ऑपरेटर और तेल कंपनियां वहां के पानी को नेविगेशन के लिए सुरक्षित मानेंगी।