"हिहत मेना अल-ज़लेह" आशूरा का स्थायी संदेश है
📖 लेख स्रोत — 🇮🇷 फारसीहज़रत फ़ातिमा मासूमे की दरगाह के वक्ता ने कहा कि "हेइहत मेना अल-ज़हला" आशूरा का शाश्वत संदेश है और कहा: कर्बला ने हमें सिखाया कि किसी भी परिस्थिति में अपमानित नहीं होना चाहिए। हम खुली बांहों से शहादत स्वीकार करते हैं, लेकिन हम ताकत और जुल्म के बोझ तले नहीं दबेंगे।'
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