एक छोटा सा समर्पण और एक बड़ा आश्चर्य: अल्बर्ट आइंस्टीन की पंक्तियाँ एक साहित्य संग्रह में पाई जा सकती हैं जिसे डॉर्टमुंड विश्वविद्यालय पुस्तकालय को दान कर दिया गया था।