हवाई युद्ध में ड्रोन क्लासिक लड़ाकू विमानों की जगह ले रहे हैं। चूँकि यूरोपीय कंपनियाँ यूक्रेन युद्ध के डेटा का उपयोग करती हैं, इसलिए वे संयुक्त राज्य अमेरिका से प्रतिस्पर्धा को पीछे छोड़ रही हैं। यहां तक ​​कि पेंटागन भी अब जर्मनी की तकनीक का परीक्षण कर रहा है।