जनमत संग्रह के नतीजे बताते हैं कि लगभग 55 प्रतिशत मतदान प्रतिभागियों ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसका उद्देश्य आप्रवासन को कम करके जनसंख्या को सीमित करना था।