साढ़े तीन महीने के युद्ध ने पहले से ही ख़राब स्थिति में चल रही ईरानी अर्थव्यवस्था को भयावह स्थिति में डाल दिया है। इसलिए तेहरान को शीघ्रता से वित्तीय संसाधनों को खोजने या पुनः प्राप्त करने की आवश्यकता है। लेकिन आर्थिक आयाम पर समझौता ज्ञापन अस्पष्ट बना हुआ है। ईरानी शक्ति कैसे वापसी करना चाहती है?