कूटनीतिक सफलता का जश्न अक्सर आधे-अधूरे मन से ही मनाया जाता है। वास्तविक शांति की राह में अभी भी कई बाधाएं नजर आती हैं। जर्मनी में, एक राजनेता "आपदा" की भी बात करता है।