पार्टी का आरोप है कि यह इकाई, जो 2004 से काम कर रही है, वायु, जल और मिट्टी प्रदूषण का कारण बन रही है, जिससे आसपास के गांवों में सार्वजनिक स्वास्थ्य, पशुधन और कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।