शिराज के इमाम जुमा ने आशूरा के बाद राष्ट्र के शहीद नेता के अंतिम संस्कार समारोह का जिक्र करते हुए इस समारोह में लोगों की भागीदारी के लिए प्रांतों में सुसंगत योजना की आवश्यकता पर जोर दिया।