हमारा समाज बूढ़ा और बूढ़ा होता जा रहा है। परिणाम: एक नए अध्ययन के अनुसार, आने वाले दशकों में मनोभ्रंश से पीड़ित लोगों की संख्या में भारी वृद्धि हो सकती है। इसलिए, केवल लक्षित निवारक उपाय ही राहत प्रदान कर सकते हैं।