Jahangir Khan se tapó las orejas y cruzó las manos en la carretera: la policía hizo desfilar al líder del TMC por segunda vez en 7 días; fueron arrestados en la frontera con Nepal
पश्चिम बंगाल के फालता में पुलिस ने TMC नेता जहांगीर खान को फिर हाफ पैंट में सड़क पर घुमाया। इस दौरान जहांगीर ने कान पकड़कर और हाथजोड़कर लोगों से माफी मांगी। इससे पहले 11 जून को भी पुलिस ने बंगाल के फालता में जहांगीर खान की हाफ पैंट में परेड कराई थी। जांच के सिलसिले में पुलिस उन्हें फलता लेकर गई है। 8 जून को अवैध वसूली के आरोप में उन्हें नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार किया था। जहांगीर पर अवैध वसूली और महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने का आरोप है। जहांगीर का फालता में दबदबा था, ‘पुष्पा’ स्टाइल छवि बनाई थी जहांगीर का फालता में दबदबा था। जहांगीर खान ने चुनाव प्रचार के दौरान खुद को फिल्म ‘पुष्पा’ के किरदार की तरह पेश किया था। उन्होंने कई बार फिल्म का चर्चित डायलॉग ‘पुष्पा झुकेगा नहीं साला’ भी बोला था। उन्होंने खुद को इलाके के ऐसे मजबूत नेता के रूप में पेश किया, जो किसी दबाव के सामने नहीं झुकेगा। 2026 का विधानसभा चुनाव फालता सीट से लड़ा था। चुनाव के दौरान हुई गड़बड़ियों के कारण यहां 21 मई को दोबारा वोटिंग हुई थी। दोबारा चुनाव से 48 घंटे पहले ही जहांगीर ने मैदान छोड़ दिया था और कहा था कि वे चुनाव से अपना नाम वापस ले रहे हैं। 24 मई को आए नतीजे में जहांगीर की हार हुई। इसके बाद से जहांगीर लगभग गायब ही रहे। उन्हें न तो घर पर देखा गया और न ही पार्टी कार्यालय में। मई 2026 में जहांगीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी और गिरफ्तारी के खिलाफ अग्रिम जमानत मांगी थी। उनका आरोप था कि उनके खिलाफ लगातार कई आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पिछले 10 दिनों में TMC नेताओं की गिरफ्तारी के 3 मामले… TMC नेताओं पर फूटा लोगों का गुस्सा: एक का सिर मुंडवाया कोलकाता में 7 जून को गिरफ्तार TMC पार्षद बप्पादित्य दासगुप्ता को कोर्ट ले जाते समय लोगों ने उनकी गाड़ी पर अंडे फेंके। वहीं, सोशल मीडिया पर दो और वीडियो वायरल हैं। BJP ने X पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें पुलिस से बचने के लिए एक नेता साड़ियों के नीचे छिपा मिला। दूसरा वीडियो हावड़ा का है। इसमें कट मनी वसूल करने वाले एक नेता का लोगों ने पहले सिर मुंडवाया। फिर जूते-चप्पल की माला पहनाकर उसकी परेड निकाली। ये वीडियो BJP के स्थानीय नेताओं ने भी X पर शेयर किए हैं। TMC नेता जहांगीर खान नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार,अवैध वसूली का आरोप पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने 8 जून को TMC नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी नेपाल बॉर्डर के पास से हुई। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फालता पुलिस स्टेशन में खान के खिलाफ 7 FIR की गई थीं। वह नेपाल भागने की फिराक में था। अभी बंगाल पुलिस की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस जहांगीर को कोलकाता ला रही है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक जहांगीर को अवैध वसूली करने के आरोप में पकड़ा गया है। हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पहले यह दावा किया गया था कि जहांगीर के समर्थकों ने महिलाओं को गैंगरेप की धमकी दी थी। इसके कारण उनकी गिरफ्तारी हुई है। जहांगीर ने 2026 का विधानसभा चुनाव फालता सीट से लड़ा था। चुनाव के दौरान हुई गड़बड़ियों के कारण यहां 21 मई को दोबारा वोटिंग हुई थी। दोबारा चुनाव से 48 घंटे पहले ही जहांगीर ने मैदान छोड़ दिया था और कहा था कि वे चुनाव से अपना नाम वापस ले रहे हैं। 24 मई को आए नतीजे में जहांगीर की हार हुई। इसके बाद से जहांगीर लगभग गायब ही रहे। TMC नेता भीड़ के डर से बिस्तर के नीचे छिपा 4 जून को बंगाल के कूचबिहार में TMC नेता शाहिदुल मियां का एक वीडियो सामने आया था। जिसमें वे भीड़ से बचने के लिए अपने कमरे में बिस्तर के नीचे छिपे नजर आ रहे हैं। आरोप है कि शाहिदुल ने सरकारी आवास योजना में घर दिलाने के नाम पर गांव के लोगों से कमीशन लिए थे। बड़ी संख्या में लोग उनके घर पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर शाहिदुल घर के एक कमरे में जाकर बिस्तर के नीचे छिप गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बाहर निकाला और थाने ले गई। 2019 में ममता ने मानी थी 'कट मनी' की बात 'कट मनी' पश्चिम बंगाल की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। इसका मतलब सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या आवास, सड़क, मनरेगा जैसी योजनाओं में लाभार्थियों से कथित कमीशन वसूलना है। भाजपा ने इसे तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ चुनावी मुद्दा बनाया। 18 जून 2019: नदिया जिले में पार्टी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कार्यकर्ताओं से कहा, ‘यदि किसी ने लोगों से "कट मनी" ली है तो उसे वापस कर दें।’ जून- जुलाई 2019: कई जिलों में लोग तृणमूल नेताओं के घरों के बाहर जमा होने लगे और कथित तौर पर ली गई रकम लौटाने की मांग करने लगे। भाजपा ने कट मनी वापस करो अभियान शुरू किया। 2019, 2021 Y 2026: el BJP lo convirtió en un tema de debate en las elecciones de 2019, del Lok Sabha de 2024 y de las elecciones de la asamblea de 2021.