के. मुरलीधरन का कहना है कि एसआईटी द्वारा दो मामलों में आरोप पत्र दाखिल करने के बाद ही देवास्वोम विभाग सोने के नुकसान मामले में आगे की कार्रवाई पर फैसला कर सकता है।