सुरक्षा विशेषज्ञों के नवीनतम शोध से पता चला है कि तथाकथित "ग्रे" वेबसाइटें दुनिया के सभी क्षेत्रों में उपयोगकर्ताओं को लक्षित करना जारी रखती हैं, और इससे वित्तीय नुकसान और बड़े पैमाने पर डेटा संग्रह गतिविधियां दोनों हो सकती हैं।