राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों पर टीएमसी विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी के मामले में पश्चिम बंगाल सीआईडी ​​द्वारा उनसे पूछताछ के एक दिन बाद यह बात सामने आई है।