Die 20 Lok Sabha-Abgeordneten von TMC fusionierten mit NCPI: Said- wird unter der Führung des Premierministers arbeiten; Mahua sagte: Sudeep sei unter dem Vorwand einer Krankheit nach Delhi gegangen und habe Verrat begangen
International15/06/2026Dainik Bhaskar
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⚡ Kurzzusammenfassung
TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने रविवार को त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय की घोषणा की। सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार शाम लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपने के बाद इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा- हम PM मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। वहीं, बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और शताब्दी रॉय ने कहा कि उनका गुट पहले ही NCPI में विलय कर चुका है। बिरला से मुलाकात की जो फोटो सामने आई है, उसमें 17 TMC सांसद दिख रहे हैं। स्पीकर से मुलाकात से पहले सांसदों ने बंगाल भाजपा प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक की थी। बागी सांसदों के ऐलान के बाद कोलकाता में अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी समेत टीएमसी के बड़े नेताओं ने ममता बनर्जी के घर बैठक की। पार्टी के 13 में से 4 राज्यसभा सांसद भी इस्तीफा दे चुके हैं। संसद में अलग सिटिंग की मांग, 5 बड़ी बातें 1.
TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने रविवार को त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय की घोषणा की। सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने रविवार शाम लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपने के बाद इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा- हम PM मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। वहीं, बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय और शताब्दी रॉय ने कहा कि उनका गुट पहले ही NCPI में विलय कर चुका है। बिरला से मुलाकात की जो फोटो सामने आई है, उसमें 17 TMC सांसद दिख रहे हैं। स्पीकर से मुलाकात से पहले सांसदों ने बंगाल भाजपा प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक की थी। बागी सांसदों के ऐलान के बाद कोलकाता में अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी समेत टीएमसी के बड़े नेताओं ने ममता बनर्जी के घर बैठक की। पार्टी के 13 में से 4 राज्यसभा सांसद भी इस्तीफा दे चुके हैं। संसद में अलग सिटिंग की मांग, 5 बड़ी बातें 1. TMC के बागी सांसदों ने स्पीकर से संसद में अलग बैठने की जगह देने की मांग की।
2. काकोली घोष के मुताबिक, नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी NDA को समर्थन देगी।
3. काकोली के अनुसार, बागी गुट के पास दो-तिहाई सांसदों का समर्थन है।
4. ममता बनर्जी गुट ने स्पीकर को पत्र देकर अलग गुट को मान्यता न देने की मांग की।
5. सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा- असली TMC कौन है, इसका फैसला अदालत करेगी। बागी गुट TMC के चुनाव चिन्ह 'जुड़वा फूल' पर भी दावा करेगा। 3 सवाल-जवाब में जानिए आगे क्या होगा? 1. सवाल: बागी सांसदों ने नई पार्टी में विलय का कदम क्यों उठाया? जवाब: दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। बागी गुट के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा- हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय कर चुके हैं। नियम के तहत जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते। जुलाई में, हम तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे, क्योंकि हमारे पास तृणमूल का 2/3 बहुमत है। फिर कोर्ट तय करेगा। 2. सवाल: बागी सांसद अभी क्या करेंगे? जवाब: बागी सांसदों ने स्पीकर से लोकसभा में TMC के अन्य सांसदों से अलग बैठने की जगह देने की मांग की है। TMC के 28 सांसद हैं। 20 सांसद अलग हो गए हैं। ऐसे में बागी सांसदों को NDA को समर्थन देने की वजह से सत्तापक्ष के पास सिटिंग मिल सकती है। 3. सवाल: ममता बनर्जी का गुट क्या करेगा? जवाब: TMC पर अपना दावा पेश करेगा। राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजा और बागी गुट को मान्यता नहीं देने की मांग की। NCPI त्रिपुरा की गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) त्रिपुरा की रजिस्टर्ड लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टी है। पार्टी 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार सीटों- चावमानू, अंबासा, करमछड़ा और कैलाशहर पर चुनाव लड़ी थी। उसका प्रदर्शन काफी कमजोर रहा था। पार्टी का नारा था, "अपने अधिकार बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें, राजनीतिक हस्तियों नहीं बल्कि सामाजिक कार्यकर्ताओं का समर्थन करें।" चावमानू सीट से NCPI के उम्मीदवार बरजेदा त्रिपुरा थे, जिन्हें 536 वोट मिले थे और वे पांचवें स्थान पर रहे थे। NCPI नेता को TMC सांसदों के विलय की जानकारी नहीं दिलचस्प बात यह है कि TMC के बागी सांसदों के पार्टी में शामिल होने की खबर सुनकर बरजेदा हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने 2023 में चुनाव लड़ा था, लेकिन अब पार्टी अचानक राष्ट्रीय चर्चा में कैसे आ गई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। बरजेदा दिहाड़ी मजदूर हैं और उन्होंने बताया कि कृष्णा देबबर्मा नाम के व्यक्ति के कहने पर चुनाव लड़ा था। उनके हलफनामे के मुताबिक, 2023 में उनकी उम्र 62 साल थी, उन्होंने 8वीं तक पढ़ाई की थी और उनकी कुल संपत्ति करीब 4 लाख रुपए थी। ममता से अलग हुए 20 बागी सांसदों के नाम… ------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… अभिषेक बनर्जी के घर रात 3 बजे पुलिस की रेड:चार घंटे तक तलाशी, बाहर सेंट्रल फोर्स के जवान खड़े रहे; आरोप- ताला तोड़कर घुसे ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित घर पर कोलकाता पुलिस ने शुक्रवार देर रात 3 बजे छापा मारा। पुलिस टीम सेंट्रल फोर्स के जवानों के साथ पहुंची। पुलिस अधिकारी अंदर गए, जवान गेट के बाहर पहरा देते रहे। तलाशी अभियान करीब 4 घंटे तक चला। पूरी खबर पढ़ें…