सोमवार को अमेरिकी डॉलर काफी कमजोर हो गया। ऐसा अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबर सामने आने के बाद हुआ। तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई, जिससे निवेशकों ने जोखिम भरी संपत्तियों की तलाश शुरू कर दी। यूरो और स्टर्लिंग जैसी मुद्राओं में डॉलर के मुकाबले बढ़त देखी गई। विश्लेषकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में डॉलर में गिरावट जारी रहेगी।