जो लोग कूटनीति और भ्रष्टाचार का हवाला देकर सीएचपीवाद के नाम पर सीएचपी संचालन का दायित्व लेते हैं, वे न केवल सीएचपी, बल्कि तुर्की का भी अहित कर रहे हैं।