チャンディーガル-銃弾が医療店のレジに命中し、銃弾が通り抜けた。弾丸1発が肋骨に刺さっているのが見つかった。襲撃犯を拘留した自動車運転手
चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर में शनिवार को हुई फायरिंग में मारे गए कैशियर जानकी दास का आज हिमाचल प्रदेश में उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार होगा। रविवार को सेक्टर-16 अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया, जिसे वे कल ही हिमाचल ले गए। पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल में शामिल एक डॉक्टर ने बताया है कि कैशियर पर करीब डेढ़ फुट की दूरी से गोलियां चलाई गईं, जिससे गोलियां उनके शरीर के आर-पार हो गईं। वहीं, एक गोली उनकी पसली में फंसी रह गई। हमलावरों ने कैशियर को करीब 11 गोलियां मारी हैं। फायरिंग की वारदात के तीसरे दिन तक चंडीगढ़ पुलिस अभी तक तीनों हमलावरों तक नहीं पहुंच पाई है। मामले की जांच में जुटी ऑपरेशन सेल की टीम ने उस ऑटो ड्राइवर को हिरासत में लिया है, जिसने वारदात के बाद आरोपियों को सेक्टर-10 लेजर वैली से सेक्टर-43 बस स्टैंड के पास तक छोड़ा था। उसने पुलिस को बताया है कि सेक्टर-10 के पास 3 युवकों ने ऑटो रुकवाया था। इसके बाद सेक्टर-43 बस स्टैंड के सामने कजहेड़ी की तरफ छोड़ने को कहा। तीनों युवक ऑटो की पिछली सीट पर बैठे थे और पूरे रास्ते पंजाबी भाषा में बातचीत कर रहे थे। ऑटो ड्राइवर की जानकारी के आधार पर पुलिस यह आशंका जता रही है कि आरोपी पंजाब के सीमावर्ती इलाके, विशेषकर तरनतारन क्षेत्र से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटनास्थल से 50 मिनट में कजहेड़ी गांव पहुंचे हमलावर इस मामले में कुछ नए सीसीटीवी फुटेज सामने आए हैं, जिनमें शनिवार दोपहर करीब 2:28 बजे फायरिंग कर भागे हमलावर 3:18 बजे सेक्टर-43 बस स्टैंड के सामने गांव कजहेड़ी में दिखाई दिए। यानी घटनास्थल से वहां तक पहुंचने में उन्हें करीब 50 मिनट का समय लगा। अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइक पर सवार होकर सेक्टर-10 लेजर वैली की ओर भागे थे, जहां उनकी बाइक बरामद हुई। बाइक बरामद होने वाली जगह की दूरी घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर है, जिसे तय करने में लगभग 5 मिनट लगते हैं। पुलिस के अनुसार, बाइक छोड़ने के बाद आरोपियों ने वहां से एक ऑटो बुक किया और उसमें सवार होकर गांव कजहेड़ी पहुंचे। लेजर वैली से गांव कजहेड़ी के बीच की दूरी करीब 7.5 किलोमीटर है, जिसे तय करने में लगभग 20 मिनट लगते हैं। इस तरह आरोपियों ने करीब 9 किलोमीटर का सफर लगभग 25 मिनट में पूरा किया। जबकि, बाकी के 25 मिनट उन्होंने ऑटो की व्यवस्था करने, एक गारमेंट्स शॉप पर जाने और कपड़े बदलने में लगाए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। पंजाब AGTF भी तलाश में जुटी मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की टीम भी आरोपियों की तलाश में जुट गई है। एडीजीपी प्रमोद बान के नेतृत्व में काम कर रही AGTF के अधिकारियों का मानना है कि आरोपी पंजाब की ओर फरार हो सकते हैं। कई चर्चित मामलों में AGTF ने चंडीगढ़ पुलिस से पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सेक्टर-9 चिन्नी कुबाहेडी प्रॉपर्टी डीलर हत्या मामला, पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र नेता पर फायरिंग और सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय पर ग्रेनेड हमले का मामला शामिल है। नाकाबंदी के बावजूद भागे आरोपी पंजाब भाजपा मुख्यालय पर ग्रेनेड हमले के बाद चंडीगढ़ पुलिस की एसएसपी ने पूरे शहर में नाकाबंदी और चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सेक्टर-11 में फायरिंग करने वाले आरोपी आसानी से फरार हो गए। मेडिकल मार्केट के एक दुकानदार ने नाम न लिखकने की शर्त पर कहा कि घटना के बाद बाजार के दोनों ओर नाकाबंदी कर दी गई है, जिससे यातायात भी प्रभावित हो रहा है और उनकी दुकानदारी पर भी असर पड़ रहा है। जांच एजेसिंयों में नहीं आपसी तालमेल शहर में पिछले कुछ समय में कई बड़े अपराध होने के बावजूद जांच एजेंसियों के बीच तालमेल की कमी देखने को मिल रही है। सूत्रों के मुताबिक, सेक्टर-11 फायरिंग मामले में भी अलग-अलग एजेंसियां अपने स्तर पर जांच कर रही हैं, लेकिन उनके बीच बेहतर समन्वय नहीं है। चंडीगढ़ पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि शहर में हुए बड़े मामलों से अभी तक कोई खास सबक नहीं लिया गया है। उनके अनुसार, अलग-अलग जांच एजेंसियां आपस में पूरी जानकारी साझा नहीं करतीं। कई बार एक एजेंसी दूसरी एजेंसी को अपनी जांच की जानकारी नहीं देती, जिसका फायदा अपराधी उठा लेते हैं। बस स्टैंड के बाहर CCTV नहीं जांच एजेंसियों को एक और बड़ी चुनौती सेक्टर-43 बस स्टैंड के बाहर सीसीटीवी कैमरों की कमी के कारण झेलनी पड़ रही है। बस स्टैंड और कजहेड़ी के बीच सड़क पर कुछ समय पहले एक नय 多くの歩行者や車両が通行する道路が開通した。地元住民らは、もしそこに監視カメラが設置されていれば、容疑者が自動車やタクシー、バスでどの方向に行ったのかを把握するのが容易だっただろう、と話している。カタリア管理官は役人たちを呼んだ。セクター11の発砲事件を受けて、チャンディーガル行政官兼パンジャーブ州知事のグラブ・チャンド・カタリア氏もこの問題を真剣に受け止めている。これに先立ち、不動産業者チンニ・クバヘディ殺害事件、パンジャブ州インド人民党本部の手榴弾攻撃、パンジャブ大学発砲事件などの事件を受けて、同氏は警察官を呼び出して叱責していた。情報筋によると、セクター11の発砲後も、カタリアはチャンディーガル警察の幹部らと長時間の会談を行ったという。会議では、市の治安体制、犯罪者の継続的な逃亡、警察の機能などが話し合われた。管理者は、大きな事件が起きるたびに、被告人はどうやって警察の目を避けて逃走するのか、警備システムのどこに欠陥があるのか、と警官らに質問したと伝えられている。このニュースもお読みください… チャンディーガル医療店レジ係殺人事件、殺人犯の写真が明らかになりました: セクター-43 の店内で着替えました。チャンディーガルのシュリ・クマール・メディカル・ストアでレジ係のジャナキ・ダスさんが殺害された事件で、襲撃犯の写真が明らかになった。この写真には、事件当時、バイクを持って屋外に立っていた襲撃犯と悪党の両方が写っています。ニュース全文を読む…