एक चोर के रूप में चीफ ऑफ स्टाफ के आत्म-दोषारोपण ने न केवल सामाजिक अस्वीकृति उत्पन्न की, बल्कि उनकी न्यायिक रणनीति को भी जटिल बना दिया। समाज की नई चिंताएँ, जो सरकार की व्यापक आर्थिक उपलब्धियों से दूर हैं।