इतिहासकार ओमर बार्टोव मध्य पूर्व में ज़ायोनीवाद की त्रुटियों से हुई तबाही की व्याख्या करते हैं। वह अपनी पुस्तक का उपयोग प्रलय स्मरण पर सीधा हमला करने के लिए करता है।