दार्शनिक ब्युंग-चुल हान का आज का उद्धरण: "यह सोचना एक भ्रम है कि जो जितना अधिक सक्रिय होगा, वह उतना ही अधिक स्वतंत्र होगा"
📖 लेख स्रोत — 🇪🇸 स्पेनिशएक आधुनिक आलोचना: अतिसक्रियता हमेशा स्वतंत्रता नहीं होती, कभी-कभी यह आत्म-मांग होती है।
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