एक जानकार सूत्र का कहना है कि लेबनान पर ज़ायोनी शासन के हमले तेहरान और वाशिंगटन के बीच समझौते की प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से किए गए हो सकते हैं।