पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद सशस्त्र बलों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिन्दूर के बाद से भारतीय क्रिकेट टीमों द्वारा इस अभ्यास का पालन किया जा रहा है। तब से भारतीय खिलाड़ी टॉस के समय और मैच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से बचते रहे हैं।