अखबार के मुताबिक, पोलिश राष्ट्रपति जानबूझकर इस मुद्दे पर अंतिम फैसले को टाल रहे हैं ताकि सत्तारूढ़ गठबंधन को यह दिखाया जा सके कि यह प्रस्ताव भावनाओं में बहकर व्यक्त नहीं किया गया है.