घोड़े का प्रत्येक कदम न केवल शरीर बल्कि मन को भी सक्रिय करता है। तंत्रिका विज्ञान अनुसंधान से पता चलता है कि सवारी मोटर कौशल से लेकर स्मृति तक, फोकस से लेकर भावनात्मक जागरूकता तक कई संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं का समर्थन करती है।