मनु भाकर के पिता ने महान निशानेबाज जसपाल राणा के गहरे प्रभाव का खुलासा किया, जिससे उनकी बेटी में अनुशासन, आत्म-विश्वास और परिणामोन्मुख मानसिकता पैदा हुई। मनु की दोहरी-घटना महत्वाकांक्षा के लिए राणा का अटूट समर्थन पेरिस में महत्वपूर्ण साबित हुआ। उनके मार्गदर्शन ने कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास पर जोर देते हुए उन्हें एक चैंपियन बनाया।