قربانی آتشسوزی مالویا ناگار دهلی ادعا میکند: بنگلادش برای ارسال جسد 1.8 لک پول دریافت کرده است، قول داده شد که ترتیبات رایگان داده شود.
दिल्ली के मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टेज होटल अग्निकांड में बची एक बांग्लादेशी नागरिक ने मृतकों के शवों को बांग्लादेश भेजने के नाम पर पैसे वसूले जाने का आरोप लगाया है। पीड़िता शमिया चौधरी ने कहा कि पहले सरकार की ओर से शवों को मुफ्त में स्वदेश भेजने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में दूतावास में 1.8 लाख रुपए जमा कराने को कहा गया। ANI से बातचीत में शमिया ने कहा कि हमें बताया गया था कि शव को मुफ्त में बांग्लादेश भेजा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूतावास में हमसे ₹1.80 लाख लिए गए। मैं जानना चाहती हूं कि जब मुफ्त भेजने का वादा किया गया था तो पैसे क्यों लिए गए।" शमिया बोलीं- मुझे लगा था मैं जिंदा नहीं बचूंगी शमिया ने बताया कि हादसे के समय वह होटल की तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 302 में थीं। कमरे में पांच लोग मौजूद थे। उन्होंने ने कहा सुबह करीब 8 बजे आग लगी। उस वक्त मुझे लगा कि मैं बच नहीं पाऊंगी। ऐसा महसूस हो रहा था कि जिंदगी खत्म होने वाली है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस की मदद से उनका कुछ सामान वापस मिल गया है, हालांकि कई सामान अब भी लापता हैं। CM रेखा गुप्ता ने बचावकर्मियों को किया सम्मानित उधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मालवीय नगर अग्निकांड और साकेत के सईदुलाजाब भवन हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान बचाव कार्य में शामिल नागरिकों, पुलिसकर्मियों और राहतकर्मियों को सम्मानित किया गया। लोगों की जान बचाने में मदद करने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी को भी विशेष सम्मान दिया गया। आग में 23 लोगों की मौत हुई थी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में 3 जून की सुबह आग लगी थी। आग में मरनों वालों की संख्या 23 हो गई है। 6 कमरों का लाइसेंस, 25 कमरे चल रहे थे फ्लरिश स्टे होटल के पास BB (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे। हादसा होने की 5 बड़ी वजह ----------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली होटल अग्निकांड में पुलिस जांच पर उठे गंभीर सवाल:रसूखदारों को बचाने रसोइए को बनाया ‘बलि का बकरा’, हादसे में अब तक गईं 23 जानें दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल सोसायटी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…