ख़वरान तबरेज़ के चरण 2 का मामला देश के शहरी प्रबंधन में जटिल और दीर्घकालिक उदाहरणों में से एक है, एक ऐसा मुद्दा जिसकी जड़ें 1390 के शुरुआती वर्षों के समझौतों तक जाती हैं, और आज यह तबरेज़ में हजारों परिवारों की गंभीर मांगों में से एक बन गया है।