आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का कहना है कि वहां लोगों में पाकिस्तान विरोधी और दो-राष्ट्र सिद्धांत के खिलाफ होने की एक स्पष्ट अंतर्धारा है और वे कहते हैं कि एक साथ रहना बेहतर है।