भूमि धंसाव देश की सबसे महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और विकास चुनौतियों में से एक बन गया है। सूखे के साथ-साथ भूमिगत जल संसाधनों की लगातार कमी से कई मैदानी और शहरी क्षेत्रों में धीरे-धीरे भूमि धंसने का खतरा पैदा हो गया है।