आवास की कमी, बढ़ते किराये, भीड़ भरी रेलगाड़ियाँ, अपराध में वृद्धि, ख़त्म होती स्वास्थ्य प्रणाली और शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट इस पहल के प्रवर्तकों के मुख्य तर्क हैं।