رقصنده هاریانوی گفت - پلیس یو پی اس از فردی که به کمر او دست زده محافظت می کند: ابتدا خودش تماس گرفت و شکایت کرد، حالا بعد از گرفتن پول سکوت کرد. من از دولت یوگی تقاضای عدالت خواهم کرد
हाथरस में 3 जून को स्टेज परफॉर्मेंस के दौरान कमर छूने के मामले में पीड़ित हरियाणवी डांसर ने यूपी पुलिस कार्रवाई से खासी नाराज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूरे मामले में लीपापोती कर दी है। डांसर ने पुलिस का एक वीडियो साझा करते हुए कहा- वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने कमेटी के कुछ सदस्यों को उठा लिया, जबकि उस समय तक उन्होंने खुद कोई शिकायत भी नहीं दी थी। शुरुआत में उन्होंने पुलिस से संपर्क नहीं किया था, बल्कि पुलिस ने खुद उन्हें फोन कर थाने बुलाया और शिकायत देने के लिए कहा था। जब शिकायत दी तो कार्रवाई नहीं की। मैं अब यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ मांगूंगी। बता दें कि हरियाणवी डांसर की तरफ से छेड़खानी का मुकदमा सासनी थाने में BNS की धारा 74 के तहत केस दर्ज कराया गया है। हाथरस सीओ सिटी हिमांशु माथुर के अनुसार, 3 जून को नगला नाई निवासी देवेंद्रपाल सिंह की बेटी का जन्मदिन था। देवेंद्रपाल और श्रीपाल सिंह ने बिना परमिशन के समारोह किया था। इसी कार्यक्रम में डांसर के साथ छेड़खानी की गई। पुलिस ने देवेंद्रपाल, श्रीपाल और छेड़खानी करने वाले सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया है। हाथरस में डांसर के साथ हुई घटना के कुछ PHOTOS… डांसर ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप…5 पॉइंट में पढ़िए ‘पुलिस ने खुद बुलाकर शिकायत दिलवाई, अब कार्रवाई नहीं कर रही’ डांसर का सबसे बड़ा आरोप यह है कि उन्होंने शुरुआत में कोई शिकायत देने की इच्छा नहीं जताई थी। घटना के बाद वीडियो वायरल हुई तो पुलिस ने खुद उनसे संपर्क किया और बार-बार थाने बुलाकर शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा। डांसर का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया था कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें न्याय मिलेगा। मगर, शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस अपने वादे से पीछे हट गई और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने पहले सहानुभूति दिखाई और बाद में पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। ‘आरोपी की पहचान होने के बावजूद पुलिस उसे बचा रही’ डांसर ने दावा किया कि पुलिस के पास आरोपी की पूरी जानकारी मौजूद है। थाने में बुलाए जाने पर एक पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें आरोपी का आधार कार्ड तक दिखाया था और उसकी पूरी जानकारी साझा की थी। इसके बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। डांसर का कहना है कि जब पुलिस आरोपी की पहचान जानती है तो उसे पकड़ने में देरी क्यों हो रही है। आरोपी के पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का हाथ है और इसी कारण पुलिस उस पर हाथ डालने से बच रही है। ‘पुलिस ने सोशल मीडिया से दूर रहने का दबाव बनाया’ हरियाणवी डांसर ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा था कि वह मीडिया से बातचीत न करें और सोशल मीडिया पर कोई वीडियो भी अपलोड न करें। उनका दावा है कि 10 जून को उन्हें अलग-अलग कमरों में बैठाकर रखा गया और तीन दिनों तक सोशल मीडिया से दूर रखने की कोशिश की गई। कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पुलिस के खिलाफ उनकी नाराजगी और मामले से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक न हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही थी। ‘पुलिस ने पैसे लेकर आरोपी को बचाने की सेटिंग कर ली’ हरियाणवी डांसर ने पुलिस पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस युवक ने उनके साथ बदसलूकी की थी, उसके सरकारी नौकरी में होने की चर्चा है और उसे बचाने के लिए पुलिस ने कथित तौर पर पैसे लेकर सेटिंग कर ली है। कहना है कि पुलिस केवल पैसे के लिए काम करती है और इसी वजह से आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो रही। पूरे मामले में पैसे और रसूख का प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिसके कारण पीड़ित को न्याय नहीं मिल पा रहा। ‘मुख्य आरोपी को छोड़ कमेटी सदस्यों पर कार्रवाई की जा रही’ हरियाणवी डांसर का आरोप है कि पुलिस पूरे मामले में असली आरोपी को बचाने और ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार पुलिस सोशल मीडिया पर तीन लोगों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है, जबकि उनके साथ बदसलूकी करने वाला केवल एक युवक था। डांसर का कहना है कि जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, वे कार्यक्रम की अनुमति और आयोजन से जुड़े मामले में पकड़े गए हैं, उनका छेड़छाड़ की घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहा है, जबकि निर्दोष कमेटी सदस्यों को परेशान किया जा रहा है। ‘महिला इंस्पेक्टर ने भरोसा दिया था, इसलिए उम्मीद जगी’ डांसर ने बताया कि घटना के बाद जब वह भावुक होकर रो रही थीं, तब महिला इंस्पेक्टर विपिन कुमारी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि पुलिस उनकी मदद करेगी और उन्हें न्याय मिलेगा। इसी भरोसे के कारण उन्होंने कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि शुरू में उन्हें लगा था कि प्र دولت در کنار آنها می ایستد، از این رو آنها همکاری کامل داشتند.