पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि पश्चिमी नेता बड़ी सावधानी और आशंका के साथ ट्रम्प के रुख और उनके अस्थिर मूड का इंतजार कर रहे हैं, जो शिखर सम्मेलन की चर्चाओं और कांटेदार मुद्दों पर अपना एजेंडा और समय सारिणी थोप सकते हैं।