दार्शनिक एडविज चिराउटर का कहना है कि पेशेवर हाई स्कूल स्नातकों को दर्शनशास्त्र से वंचित रखने का कोई औचित्य नहीं है, न ही इस विषय को जीवन की एक उम्र या एक ही सामाजिक परिवेश तक सीमित किया जाना चाहिए।