Aligarh soldier dies in Assam plane crash: Jitendra Sharma was a sergeant in the Air Force, had seen a girl for marriage 8 days ago
असम में विमान क्रैश में अलीगढ़ के जितेंद्र शर्मा की मौत हो गई। वह एयरफोर्स में सार्जेंट थे। उन्होंने 5 दिन पहले ही छुट्टी के बाद ड्यूटी जॉइन की थी। जितेंद्र ने शादी के लिए लड़की भी देखी थी। दरअसल, शनिवार सुबह 10 बजे भारतीय वायुसेना का AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में जितेंद्र के साथ 4 और लोगों की मौत हो गई थी। पहले जानिए कौन थे सार्जेंट जितेंद्र शर्मा अलीगढ़ निवासी सार्जेंट जितेंद्र शर्मा भारतीय वायुसेना में साल-2014 में भर्ती हुए थे। वह 31 साल के थे। परिवार में उनकी मां के अलावा 2 बड़े भाई रमाकांत और भूपेंद्र हैं। जितेंद्र सबसे छोटे थे। करीब 12 साल पहले उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद मां और भाइयों ने मिलकर जितेंद्र को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव सहयोग दिया। वायुसेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने परिवार का नाम रोशन किया। परिजनों के अनुसार, जितेंद्र हाल ही में छुट्टी लेकर गांव आए थे। 5 जून 2026 को वह वापस ड्यूटी पर लौटे थे। घर में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। परिवार जल्द ही शादी की तैयारियां शुरू करने वाला था, लेकिन इससे पहले ही हादसे की खबर आ गई। एयरफोर्स AN-32 विमानों को बदलने की तैयारी में न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, भारतीय वायुसेना अपने पुराने AN-32 और IL-76 मालवाहक विमानों को बदलने की तैयारी कर रही है। इसके लिए नए मीडियम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट (MTA) खरीदे जाएंगे, ताकि भविष्य में सैनिकों, हथियारों और सैन्य सामान की ढुलाई की जरूरतें पूरी की जा सकें। हादसे के 3 फोटोज… मैप से समझिए हादसा कहां हुआ… AN-32 कार्गो प्लेन पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में भी उतरने में सक्षम भारतीय वायु सेना के पास लगभग 100 एंटोनोव AN-32 टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट विमानों का बेड़ा है। हालांकि IAF ने शुरू में सोवियत मूल के ऐसे 125 प्लेन खरीदे थे, लेकिन अब एक्टिव-ड्यूटी प्लेन की संख्या लगभग 100 रह गई है। AN-32 ने 1980 से IAF की मीडियम-लिफ्ट ट्रांसपोर्ट क्षमताओं की रीढ़ के तौर पर काम किया है। गर्म मौसम और हिमालय जैसे ऊंचे इलाकों में ऑपरेशन के दौरान इसकी मजबूती के कारण इसे काफी अहम माना जाता है। जनवरी से जून तक वायुसेना के विमानों से जुड़े हादसे 21 जनवरी 2026- उत्तर प्रदेश में IAF का एक ट्रेनी विमान नियमित उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। दोनों पायलट सुरक्षित रूप से इजेक्ट हो गए। कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ। हालांकि जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बैठाई गई। 7 फरवरी 2026- एक HAL तेजस लड़ाकू विमान टेक-ऑफ के दौरान रनवे से बाहर चला गया। बाद में रिपोर्टों में सॉफ्टवेयर गड़बड़ी को कारण बताया गया। पायलट बच गया, हालांकि उसे चोटें आईं। 5 मार्च 2026- असम के कार्बी आंगलोंग क्षेत्र में ट्रेनिंग के दौरान Su-30MKI क्रैश हो गया था। दोनों पायलट्स की मौत हो गई थी। इनमें से एक पायलट ऑपरेशन सिंदूर से भी जुड़े थे। 17 अप्रैल 2026- पुणे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वायुसेना के लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग हुई। प्लेन का 'अंडरकैरेज' यानी विमान का निचला हिस्सा खराब हो गया था, जिसके कारण वह रनवे पर टकरा गया। इससे रनवे 11 घंटे बंद रहा। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… असम सुखोई फाइटर प्लेन क्रैश में शहीद पायलट गुरुग्राम का: शादी की तैयारी में लगा था परिवार, मंगेतर भी पायलट; पिता सेना से रिटायर्ड असम में इंडियन एयरफोर्स के फाइटर प्लेन सुखोई के क्रैश हादसे में गुरुग्राम के स्क्वाड्रन लीडर अनुज वशिष्ठ शहीद हो गए। अनुज मूल रूप से रोहतक के ककराना के रहने वाले थे। एक रिश्तेदार के मुताबिक अनुज की शादी तय हो गई थी। उनकी मंगेतर भी पायलट थीं, दोनों परिवार शादी की तैयारियों में लगे हुए थे। पढ़ें पूरी खबर…