3 जून को पारित और इस शनिवार को आधिकारिक जर्नल में प्रख्यापित कानून के अनुसार, संसद के पास इस मुआवजे की शर्तों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक वर्ष का समय है, जिसका वित्तपोषण तंबाकू पर कर के माध्यम से किया जाएगा।