जिंदा मिसाइल के साथ ऑयल टैंकर भारत पहुंचा:ओमान से कोच्चि तक 2000 किमी का सफर तय किया, इंडियन नेवी ने निकाला
📖 मूल पढ़ेंभारतीय नौसेना ने एक ऑयल टैंकर में फंसे मिसाइल को सुरक्षित निकालकर एक बड़े समुद्री हादसे को टाल दिया है। रक्षा मंत्रालय ने 11 जून को जारी बयान में बताया कि 26 मई को मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाले MT ओलम्पिक लाइफ टैंकर पर ओमान तट के पास हमला हुआ था। मिसाइल फटी नहीं, बल्कि टैंकर के बाहरी हिस्से को भेदते हुए फ्यूल टैंक में जाकर फंस गई। टैंकर इसके बावजूद रुका नहीं और अरब सागर में करीब 2,000 किलोमीटर का सफर तय करके कोच्चि पहुंचा। इसके बाद भारतीय नौसेना ने हाई-रिस्क ऑपरेशन चलाकर वारहेड को बाहर निकाला। फुजैराह से कोच्चि आ रहा था टैंकर टैंकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह से कोच्चि आ रहा था। टैंकर में कोई भारतीय नागरिक सवार नहीं था। हमले के बावजूद टैंकर ने अपनी यात्रा जारी रखी और बाद में अधिकारियों को मिसाइल वारहेड के फंसे होने की जानकारी दी। इसके बाद गुरुग्राम स्थित इंफॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर-इंडियन ओशन रीजन (IFC-IOR) के जरिए कार्रवाई शुरू की गई। कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान ने एक्सप्लोसिव ऑर्डनेंस डिस्पोजल (EOD) एक्सपर्ट्स की टीम को तैनात किया। फ्यूल टैंक के अंदर फंसा था वारहेड जांच में पता चला कि मिसाइल का वारहेड टैंकर के फ्यूल टैंक के अंदर फंसा हुआ है। मिसाइल जिस जगह फंसी थी, वहां बड़ी मात्रा में कच्चा तेल था। ऐसे में विस्फोट होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। इससे जहाज, चालक दल और पोर्ट को भारी नुकसान पहुंच सकता था। नौसेना की EOD टीम ने सावधानी के साथ कई चरणों में यह ऑपरेशन पूरा किया। पहले मिसाइल के विस्फोटक सिस्टम का पता लगाया गया और उसे निष्क्रिय किया। इसके बाद वारहेड और उससे जुड़े मलबे को सुरक्षित तरीके से टैंकर से बाहर निकाल लिया गया। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम का टेस्ट कामयाब:5000km रफ्तार से आ रही मिसाइल को मार गिराएगा, यह तकनीक हासिल करने वाला भारत 5वां देश भारत अब लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, यहां तक कि इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों का भी मुकाबला कर सकता है। DRDO ने 10 और 11 जून को लगातार 3 फ्लाइट टेस्ट किए गए, जिनमें मल्टी-लेयर्ड बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस (BMD) सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। पूरी खबर पढ़ें…
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