टीमों ने पिछले तीन दिनों में दूसरी शताब्दी ईस्वी से लेकर 16वीं शताब्दी ईस्वी तक के 25 शिलालेखों का दस्तावेजीकरण और प्रतिलिपि बनाई थी।