बोजनॉर्ड - आईआरएनए - नॉर्थ खुरासान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के शोधकर्ता सेफलोमेट्रिक छवियों के डिजिटल विश्लेषण के आधार पर एक नई तकनीक का आविष्कार करने में सफल रहे, जिससे बच्चों में जबड़े की समस्याओं के शीघ्र निदान और सुधारात्मक उपचार का मार्ग प्रशस्त हुआ।