लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने माना कि लेबनान आज एक भाग्यवादी अधिकार के सामने खड़ा है, और इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय एकता आज अवसरों पर उठाया जाने वाला नारा नहीं है, बल्कि एक अस्तित्वगत आवश्यकता है।