इस्लामाबाद लंबे समय से पीओके में राजनीतिक लामबंदी को कथित भारतीय 'हस्तक्षेप' के बाहरी चश्मे से देखता रहा है। लेकिन क्षेत्र में हाल के विद्रोह ने इसकी अपनी नीति की सीमाएं उजागर कर दी हैं।