विश्व कप तब होता है जब, अन्य बातों के अलावा, सार्वजनिक प्रसारण देशभक्ति और राष्ट्रवाद के खिलाफ चेतावनी देता है। जाहिर तौर पर केवल वामपंथियों को ही अब भी बिना किसी चिंता के हमारे महानों के बारे में गाने की अनुमति है।