तेहरान - आईआरएनए - दो साल की अविनाई, अपनी बच्चों जैसी मासूमियत के साथ, आज सिर्फ एक बच्चे का नाम नहीं, बल्कि लामार्ड के लोगों के उत्पीड़न और दुख का प्रतीक बन गई है। एक बच्चा जिसके जाने से शहर के दिल में एक अमिट गर्मी पैदा हो गई और उसकी छवि उस पीड़ा की निशानी बन गई जो इस देश की स्मृति से कभी नहीं मिटेगी।